जयपुर। पर्यावरण एवं स्वच्छता का संरक्षणता के साथ सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाली बालिकाओं और सर्वश्रेष्ठ परिणाम देने वाले शिक्षिकाओं का सम्मान बुधवार 6 मई को किया जाएगा। लगभग 160 साल पहले जयपुर में पहला कन्या विद्यालय के रूप में राजकीय महाराजा बालिका विद्यालय की स्थापना 6 मई 1866 को तीन छात्राओं द्वारा की गई थी। राजकीय महाराजा बालिका विद्यालय की प्राचार्य अनुराधा शर्मा ने बताया कि विद्यालय में बालिकाओं के सर्वागिण विकास के लिए समय समय पर सामाजिक सरोकारों के उत्थान और सामाजिक कार्य के साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए बालिकाओं को समय समय पर प्रोत्साहित किया जाता रहा है। साथ ही बालिकाओं के उत्थान के लिए समय समय पर अखिल भारतीय नाटाणी परिवार समिति द्वारा सहयोग प्रदान किया जाता रहा है। विद्यालय की स्थापना पर अखिल भारतीय नाटाणी परिवार समिति की राष्ट्रीय महामंत्री गोविन्द नाटाणी ने वर्ष 2026-27 में सर्वाधिक अंक पाने वाली छात्राओं और सर्वश्रेष्ठ परिणाम देने वाली शिक्षकों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। विद्यालय विकास प्रबधंन समिति के सदस्य गोविन्द नाटाणी ने बताया कि विद्यालय का 160वां स्थापना दिवस बुधवार 6 मई को सुबह 11 बजे विद्यालय प्रांगण में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में विद्यालय की पूर्व अध्ययनरत छात्राओं का स्वागत एवं सम्मान करने के साथ ही विद्यालय के भामाशाहों का भी सम्मान किया जाएगा। कार्यक्रम में अखिल भारतीय नाटाणी परिवार समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीनदयाल नाटाणी, महामंत्री गोविन्द नाटाणी, भूतपूर्व अध्यक्ष विनय कुमार गुप्ता, श्याम सुंदर नाटाणी, ताराचंद नाटाणी, गोपाल नाटाणी सहित समिति के भूतपूर्व महामंत्री विनोद नाटाणी, संयुक्त मंत्री नीरज नाटाणी, कपिल नाटाणी, कोषाध्यक्ष अंकित नाटाणी का सम्मान किया जाएगा। राजकीय महाराजा बालिका की प्राचार्य अनुराधा शर्मा और अखिल भारतीय नाटाणी परिवार समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीनदयाल नाटाणी ने बताया कि विद्यालय की 160वीं स्थापना दिवस पर गणेश पूजन एवं सरस्वती पूजन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया जाएगा। कार्यक्रम में बालिकाओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ही विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम में विद्यालय विकास प्रबधंन समिति के सदस्य, विद्यालय की पूर्व प्राचार्य एवं छात्राओं का भी सम्मान किया जाएगा।



