जयपुर। इंडियन एसोसिएशन ऑफ सौशियल साईकेट्री की मिड टर्म सीएमई-2026 शनिवार 9 मई को जयपुर के झालाना संस्थानिक क्षेत्र स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में शुरू हुई। सीएमई का उद्घाटन एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. दीपक माहेश्वरी ने किया। इस अवसर पर राजस्थान हॉस्पिटल एवं स्वास्थ्य कल्याण ग्रुप के चेयरमैन डॉ. एस.एस. अग्रवाल गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि शहरीकरण, डिजिटल निर्भरता और सामाजिक अलगाव ने मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डाला है, जिससे आधुनिक समाज में चिंता, अवसाद और अकेलेपन जैसे मानसिक स्वास्थ्य विकारों की बढ़ती व्यापकता में योगदान हुआ है। मानसिक रूप से मजबूत सामाजिक बंधन तनाव, चिंता और अवसाद के स्तर को कम करने, नींद में सुधार लाने और जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता को बढ़ाना जरुरी हैं। इसके साथ ही खुशी, आत्मसम्मान, सहानुभूति, स्वस्थ खानपान और शारीरिक गतिविधि सभी संतोषजनक सामाजिक संबंधों में पनपते हैं। विशेषज्ञों ने कहा कि मानसिक विकार ऐसी स्थितियाँ हैं, जो आपके विचारों, भावनाओं और व्यवहार को प्रभावित करती हैं। अवसाद, चिंता और सिज़ोफ्रेनिया जैसे 200 से अधिक प्रकार के विकार हैं। आपको मनोदशा में उतार-चढ़ाव, भूख में परिवर्तन, मतिभ्रम या रुचि की कमी जैसे लक्षण हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य पर कई कारक प्रभाव डालते हैं, जिनमें आनुवंशिकता, पारिवारिक इतिहास, बचपन के अनुभव और यहां तक कि हिंसा, गरीबी और पृष्ठभूमि या पहचान के आधार पर अनुचित व्यवहार जैसे बड़े सामाजिक मुद्दे भी इसमें शामिल हैं। आयोजन समिति के चेयरमैन डॉ. ललित बत्रा और सचिव आरएचएल साइकेट्रिक सेन्टर के चेयरमैन डॉ. राघव शाह ने बताया कि “आज के बदलते सामाजिक परिदृष्य का लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव” विषय पर आयोजित सीएमई में दिनभर हुए तकनीकी सत्रों में मोबाइल फोन के बढते प्रयोग और बच्चों, युवाओं और अन्य वर्ग के लोगो में इससे होने वाली मानसिक बीमारी व बिखरते पारिवारिक ढांचे को लेकर विशेष चर्चा की जा रही है।
सोसायटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पीजीआई चंढीगढ के पूर्व मनोरोग विभागाध्यक्ष डॉ. देवाशीष बसु और वरिष्ठ साइकेट्रिस्ट डॉ. नितिन गुप्ता और एम्स नई दिल्ली के पूर्व विभागाध्यक्ष मनोरोग विभाग डॉ. राकेश चड्ढा विशेष स्पीकर रहे। आयोजन समिति की ओर से डॉ. संजय जैन पूर्व विभागाध्यक्ष मनोरोग, एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर और वरिष्ठ मेडिकल ऑफिसर डॉ. सुनील शर्मा सहित अनेक चिकित्सक इस सीएमई वर्कशॉप में सक्रिय भूमिका निभाई। दो दिवसीय सीएमई में भारत के विभिन्न प्रान्तों से लगभग 200 से ज्यादा मनोरोग विशेषज्ञ शिरकत कर रहे हैं।



