जयपुर। सहकारी समितियों में गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस पोर्टल के माध्यम से खरीददारी की जानकारी प्रदान करने के लिए सोमवार 11 मई को वीडियो कॉंफ्रेन्स के माध्यम के एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञ अनंत ठुकराल द्वारा पोर्टल के माध्यम से खरीद प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। ठुकराल ने बताया कि भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा संचालित जेम पोर्टल वर्तमान में देश की सरकारी खरीद प्रणाली का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। वर्ष 2016 में लॉन्च किया गया। यह पोर्टल सरकारी विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के लिए वस्तुओं और सेवाओं की आसान और पारदर्शी खरीददारी के लिए वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि यह पूरी तरह से कैशलेस और पेपरलेस प्लेटफॉर्म है, जिसने बिचौलियों की भूमिका को समाप्त कर सरकारी धन की बचत में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ठुकराल ने प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि पोर्टल के माध्यम से खरीद 3 प्रकार से की जा सकती है। उन्होंने बताया कि 50 हजार रुपए तक कीमत की वस्तु या सेवा की सीधे खरीद की जा सकती है। जबकि 50 हजार रुपए से 10 लाख रुपये कीमत की वस्तु या सेवा तीन फर्मों से प्रस्ताव प्राप्त कर तथा उनकी तुलना कर की जा सकती है। इसी प्रकार 10 लाख रुपए से अधिक राशि की वस्तु या सेवा की खरीद बिड प्रक्रिया के माध्यम से की जा सकती है। उन्होंने खरीददार की भूमिका, विक्रेता को होने वाले लाभ के साथ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया के विभिन्न चरणों की विस्तार से जानकारी प्रदान की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सभी जिलों के जेम पोर्टल नोडल अधिकारियों के साथ ही क्रय-विक्रय सहकारी समितियों एवं सहकारी उपभोक्ता भण्डारों के कार्मिक वीसी के माध्यम से शामिल हुए।



