वीरों का त्याग राष्ट्र के इतिहास का अमिट अध्याय

जयपुर। वर्ष 1857 की प्रथम स्वतंत्रता क्रांति के आगाज की पूर्व संध्या एवं वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती (अंग्रेजी तिथि) के अवसर पर जयपुर एक होटल में शौर्यांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम संयोजक संदीप गुप्ता ने बताया कि द हिंदू फाउंडेशन की तरफ से आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े मुख्य अतिथि रहे जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगीत, दीप प्रज्वलन एवं वीर बलिदानियों को नमन के साथ हुआ। इस अवसर पर अमर शहीद पंडित चंद्रशेखर आजाद के वंशज अमित आज़ाद सहित शहीद परिजनों का सम्मान किया गया। मुख्य अतिथि राज्यपाल बागड़े ने कहा कि भारत की स्वतंत्रता असंख्य बलिदानों का परिणाम है और 1857 के वीरों का त्याग राष्ट्र के इतिहास का अमिट अध्याय है। उन्होंने महाराणा प्रताप के स्वाभिमान और संघर्ष को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया। अध्यक्षीय उद्बोधन में विधायक गोपाल शर्मा ने कहा कि 1857 की क्रांति स्वतंत्रता चेतना का प्रथम शंखनाद थी। युवाओं को अपने गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए। विधायक शर्मा ने कहा कि राजस्थान के वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप का जीवन राष्ट्रभक्ति, पराक्रम और त्याग का प्रतीक है।

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