सनातन संवाद में मंदिर प्रबंधन पर होगा व्यापक मंथन

जयपुर। वर्तमान समय में बदलते सामाजिक परिदृश्य, पारिवारिक मूल्यों में आ रहे बदलाव तथा धार्मिक संस्थाओं के प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियों को देखते हुए, एक सार्थक और मार्गदर्शक संवाद की आवश्यकता लम्बे समय से महसूस की जा रही थी। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए संस्कृति युवा संस्था द्वारा सनातन संवाद नामक एक विशेष संवाद श्रृंखला का शुभारंभ किया जा रहा है, जिसकी प्रथम कड़ी कल 28 अप्रैल 2026 को जयपुर में आयोजित होगी। संस्कृति युवा संस्था के अध्यक्ष एवं आयोजक पंडित सुरेश मिश्रा ने बताया कि इस संवाद श्रृंखला का उद्देश्य केवल चर्चा तक सीमित नहीं है बल्कि धर्म, संस्कृति और विचार के माध्यम से समाज को सकारात्मक दिशा देना, सनातन परम्पराओं की प्रासंगिकता को वर्तमान संदर्भ में समझना तथा समाज-परिवार व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए ठोस विचार प्रस्तुत करना है। मिश्रा ने बताया कि आज के समय में जहां एक ओर आधुनिकता और तेज जीवनशैली ने पारंपरिक मूल्यों को प्रभावित किया है, वहीं दूसरी ओर मंदिरों और धार्मिक संस्थाओं के प्रभावी एवं पारदर्शी प्रबंधन की आवश्यकता भी लगातार बढ़ रही है। समाज में पारिवारिक एकता, नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने के लिए एक ऐसे मंच की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जहां संत, विद्वान, समाजसेवी और जागरूक नागरिक एक साथ बैठकर इन विषयों पर खुलकर विचार-विमर्श कर सकें। "सनातन संवाद" इसी दिशा में एक संगठित प्रयास है, जो विचारों के आदान-प्रदान के साथ ही समाधान की दिशा भी प्रस्तुत करेगा। प्रथम कड़ी के प्रमुख विषयों में इस श्रृंखला की पहली कड़ी में मंदिर प्रबंधन की वर्तमान स्थित धार्मिक संस्थाओं की पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व। समाज और परिवार व्यवस्था में सनातन मूल्यों की भूमिका। बदलते समय में संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण। युवा पीढ़ी को सनातन विचारधारा से जोड़ने के उपाय। कार्यक्रम संयोजक राजकुमार चतुर्वेदी ने बताया कि "सनातन संवाद" केवल एक शहर या एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगा। इस श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी इसी प्रकार के संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक पहुँच बनाकर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक लोग सनातन विचारधारा, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों के प्रति जागरूक हो सकें। इस पहल का उद्देश्य समाज में संवाद की परम्परा को मजबूत करना, विचारों का आदान-प्रदान बढ़ाना तथा जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन लाना है। मिश्रा ने बताया कि सनातन संवाद का आयोजन मंगलवार 28 अप्रैल को शाम 5 बजे होटल पार्क प्राइम में आयोजित होगा। समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी होंगे। विशिष्ट अतिथि शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर होंगे। पंडित सुरेश मिश्रा ने बताया कि "सनातन संवाद केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक विचार यात्रा है। इसका उद्देश्य समाज में जागरूकता, समन्वय और सकारात्मक परिवर्तन लाना है। यह मंच समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़कर एक साझा दिशा तय करने का प्रयास करेगा।" उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में इस संवाद श्रृंखला के माध्यम से निरन्तर विभिन्न विषयों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे समाज में एक स्थायी और रचनात्मक परिवर्तन की दिशा में कार्य किया जा सके। इस आयोजन में संत-महात्मा, विद्वान, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा वर्ग अपने विचार रखेंगे। और इसमें मुख्य वक्ता के रूप में खोजी द्वारा आचार्य श्री श्री 1008 रामरिछपाल दास जी महाराज त्रिवेणी, धन्ना पीठाधीश्वर बजरंग देवाचार्य जी महाराज, संत समाज के अध्यक्ष सियाराम दास जी, शुक्र सम्प्रदाय आचार्य अलबेली माधुरी शरण जी महाराज, पंचखंड पीठाधीश्वर स्वामी समुद्र जी महाराज, स्वामी बालमुकुंदाचार्य महाराज हाथोज धाम, स्वामी मोनू महाराज अमरापुर, रविशंकर महाराज सालासर महाराज, महेन्द्र चौहान खाटू धाम एवं स्वामी योगेन्द्रनाथ महाराज (नाथ सम्प्रदाय) उपस्थित रहेंगे। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आयोजन समिति का गठन किया गया है। इसमें आचार्य राजेश्वर, एडवोकेट एच.सी. गणेशिया और दिनेश शर्मा होंगे।

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