जयपुर। सहकारिता विभाग के शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां डॉ. समित शर्मा ने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक की मंशा के अनुरूप राज्य में निर्मित हो रहे गोदामों का कार्य गुणवत्तापूर्ण हो और सभी गोदामों का सदुपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि गोदामों का समुचित उपयोग करने से सहकारी समितियों की वित्तीय स्थिति भी सुदृढ़ होगी। डॉ. शर्मा ने बुधवार 6 मई को शासन सचिवालय स्थित कमेटी रूम से वीसी के माध्यम से खण्डीय एवं इकाई अधिकारियों की मासिक समीक्षा बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए कि विश्व की वृहत् अन्न भण्डारण योजना के अंतर्गत 500 मीट्रिक टन क्षमता के गोदामों सहित 250 मीट्रिक टन व 100 मीट्रिक टन क्षमता के गोदामों की शीघ्र स्वीकृति जारी करवाकर तीव्र गति से इनका निर्माण पूरा करवाया जाए। उन्होंने गोदाम निर्माण के लिए लंबित भूमि आवंटन प्रकरणों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। शासन सचिव ने निर्देशित किया कि कस्टम हायरिंग सेंटर्स की तेजी से स्थापना की जाए। इन सेंटर्स पर उपलब्ध कृषि उपकरणों का उपयोग और सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि उपकरणों की खरीद गांव की आवश्यकता के अनुरूप जनसहभागिता से ग्रामीणों से चर्चा के उपरान्त की जाए। पैक्सविहीन ग्राम पंचायतों में नवीन पैक्स गठन की प्रगति की समीक्षा करते हुए शासन सचिव ने निर्देशित किया कि जिन ग्राम पंचायतों में अभी तक पैक्स का गठन नहीं हुआ है, वहां प्राथमिकता से 31 मई तक नए पैक्स स्वीकृत करवाए जाएं। स्वीकृत पैक्स का 20 जून तक पंजीयन करवाया जाए। साथ ही आमसभा से अब तक शेष रही पैक्स की आमसभा भी इसी माह सम्पन्न करवाई जाए। उन्होंने पैक्स कम्प्यूटराइजेशन के कार्य में भी तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि लेनदेन संबंधित कार्य ऑनलाइन होने से समितियों के कामकाज में पारदर्शिता आएगी। डॉ. शर्मा ने कहा कि ‘सहकार से समृद्धि’ की विभिन्न पहलों के क्रियान्वयन और बजट घोषणाओं की क्रियान्विति में विभाग अच्छा कार्य कर रहा है।



